CBSE की परीक्षा पैटर्न में हुई बदलाव, A B और C तीन भाग में होंगे प्रश्न
सीबीएसई ने साल 2026 की कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में कई सारे बदलाव किए हैं। इसके लिए विषयों के प्रश्न पत्रों को खंडवार विभाजित करने और उत्तर लिखने के कड़े निर्देश लागू किए हैं जिसका सख्ती से पालन करना विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है और सीबीएसई द्वारा दी गई यह जानकारी सभी छात्रों के लिए अति महत्वपूर्ण है।
इस संबंध में सभी स्कूलों को को दिशा निर्देश जारी करते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के क्षेत्रीय निदेशक गोपाल लाल यादव ने बताया कि 2026 में सीबीएसई 10वीं बोर्ड की परीक्षा वर्ष में दो बार आयोजित कराई जाएगी और इस कारण परीक्षा के पैटर्न में बदलाव किए गए हैं और यह खास तौर पर विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की परीक्षा से जुड़ी है । प्रश्न पत्र तीन खंड ए बी एवं सी में होंगे और इसी तरह 32 पेज की उत्तर पुस्तिका अभी तीन खंडों में दिया जाएगा और इसके अनुसार ही विद्यार्थियों को उत्तर देना होगा। यदि विद्यार्थी भाग A का उत्तर भाग B में लिखते हैं तो उन्हें इसके लिए कोई अंक नहीं दिया जाएगा। सीबीएसई द्वारा यह जानकारी पाटलिपुत्र सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स के तत्वावधान में पटना में स्कूल प्रबंधकों व प्राचार्यों की बैठक में दी और यह भी कहा कि 2026 में राष्ट्रीय स्तरों पर शिक्षक और प्राचार्य का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
निदेशक गोपाल लाल यादव जी ने स्कूलों के प्रधानाध्यापक से अपेक्षा की है कि वे 10वीं बोर्ड के विद्यार्थियों को प्रश्नों के उत्तर सही तरीके से लिखने का अभ्यास कराएं और साथ में यह भी कहा है कि बोर्ड की ओर से बहुत जल्द वेबसाइट पर मॉडल पेपर प्रकाशित किए जाएंगे जिससे बच्चों को तैयारी करने में काफी सुविधा मिलेगी और इस मॉडल पेपर के माध्यम से स्कूल प्रबंधक बच्चों को उत्तर देने का अभ्यास कराएंगे।
सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा पैटर्न
अब विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की परीक्षा में छात्रों को उत्तर पुस्तिका को अलग अलग सेक्शन में बांटकर ही उत्तर लिखने होंगे।
विज्ञान के प्रश्नपत्र को तीन भागों में बंटा जाएगा।
Section A - जीव विज्ञान
Section B - रसायन विज्ञान
Section C - भौतिकी
सामाजिक विज्ञान के प्रश्न चार भाग में होंगे
Section A - इतिहास
Section B - भूगोल
Section C - राजनीतिक विज्ञान
Section D - अर्थशास्त्र
दूसरा बड़ा बदलाव दो चरणों में परीक्षा और मार्किंग स्कीम की है। 12वीं कक्षा के आधार को देख कर 10वीं की परीक्षा भी एक वर्ष में दो बार आयोजित कराई जाएगी। फरवरी माह में मुख्य विषयों की और मार्च में प्रैक्टिकल और असेसमेंट आधारित विषयों की परीक्षा ली जाएगी। इस मॉडल को अपनाने से छात्रों को तैयारी के लिए अधिक समय मिलेगा। नई मार्किंग स्कीम में हिंदी, सामाजिक विज्ञान, गणित, विज्ञान और अंग्रेजी की परीक्षा 100 अंकों की होगी। 3 घंटे की थ्योरी परीक्षा में 80 अंक Theory और 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के होंगे।
तीसरा बदलाव उपस्थिति को लेकर किया गया है। बोर्ड की परीक्षा देने के लिए छात्रों को अपने स्कूल में 75% की उपस्थिति अनिवार्य की गई है, जांच के दौरान अगर किसी छात्रों की उपस्थिति इससे कम पाई जाती है तो उन छात्रों का प्रवेश पत्र नहीं दिया जाएगा।
चौथा बदलाव कॉपी चेकिंग को पारदर्शी बनाने से है। अब बोर्ड उत्तर कॉपी की जांच करने के लिए डिजिटल बारकोड सिस्टम का उपयोग करेगा। इससे मार्किंग में गलती होने की संभावना में काफी हद तक कमी आएगी और कॉपी का मूल्यांकन कम समय में आसानी से हो पाएगा।
CBSE Official Site 👉 https://www.cbse.gov.in/
इन बातों का रखना होगा ध्यान
•उत्तर पुस्तिका भरने से पहले ही अलग अलग भागों में बांट लें
•हर प्रश्न का उत्तर उसी निर्धारित सेक्शन में लिखना होगा
•किसी भी सेक्शन का उत्तर दूसरे सेक्शन में लिखने से उसका मूल्यांकन नहीं होगा और ऐसे में उस उत्तर के अंक नहीं मिलेंगे इसके अलावा बच्चों को अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका नहीं दी जाएगी, वे पार्ट सी को अतिरिक्त उत्तर पुस्तिका के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं।



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