Sarvam AI to build India's first language AI model, Sarvam AI Text to Speech

 भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसी बदलाव की अगुवाई कर रही है Sarvam AI। यह स्टार्टअप खास तौर पर भारतीय भाषाओं के लिए AI मॉडल विकसित कर रहा है, जिससे टेक्नोलॉजी आम लोगों तक आसान और सुलभ बन सके। हाल ही में सर्वम AI को बड़े निवेश मिले हैं और इसके ओपन-सोर्स मॉडल्स ने टेक इंडस्ट्री में काफी चर्चा बटोरी है। यही वजह है कि आज सर्वम AI भारत के सबसे तेजी से उभरते AI स्टार्टअप्स में गिना जा रहा है और लोग में इसको लेकर काफी गॉसिप बना हुआ है।

Sarvam AI


क्या है सर्वम AI?

यह AI भारत का एक उभरता हुआ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप है, जो खास तौर पर भारतीय भाषाओं और भारतीय संदर्भों के लिए एडवांस्ड AI सिस्टम और तकनीक विकसित करता है। इसका मकसद है विश्व स्तर के AI मॉडल्स को भारत की भिन्न, भिन्न भाषा वाली आबादी के लिए ज्यादा उपयोगी, सटीक और समझने हेतु उपयोगी बनाना। इसका आरंभ बेंगलुरु में हुआ है और इसे विवेक राघवन और प्रतयुष कुमार ने मिलकर बनाया है। यह कंपनी भारत के भाषाई विविधता, संस्कृति और स्थानीय मुद्दों को समझने वाले AI मॉडल्स पर काम करता है। इसमें बड़ी भाषा मॉडल्स जो हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ समेत कई भारतीय भाषाओं में काम कर सकते हैं। इसका एआई एजेंट्स- ये यूजर के भाषा को समझकर ग्राहक को सही परिणाम देता है और व्हाट्सएप चैट आदि सब में इसके इस्तेमाल को आसान बनाता है। वॉयस और टेक्स्ट मॉडल्स में कंपनी हिंदी और दूसरे भाषाओं में वॉयस आधारित बातचीत को, डॉक्यूमेंट को पढ़ने और समझने और अनुवाद जैसे कामों में मदद करता है। इसका सबसे बड़ा खासियत यह है कि यह भारतीय भाषा के ढांचे, बोलचाल के लहजे और सांस्कृतिक के अनुसार विशेष रूप से प्रशिक्षित करता है। ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक पूरा जनरेटिव AI प्लेटफ़ॉर्म तैयार कर रही है जिस पर सरकार, बिज़नेस और डेवलपर्स भारत के अद्भुत मॉडल्स और टूल्स बना सकते हैं और उन्हें अपने ऐप्स या सर्विसेज में उपयोग कर सकते हैं। इसका फेमस मॉडल और प्रोडक्ट इस प्रकार है जिसमें सबसे पहले सर्वम 2B जो इंडिया के भाषा-विशेष मॉडल को समझने में मदद करता है और बुलबुल V2 नई Text to Speech एआई टेक्नोलॉजी है जो 11 भारतीय भाषाओं में बोलने और समझने में मदद करता है। 

सर्वम-M ये एक बड़ा LLM जो रीजनिंग और भाषा के समझ जैसे हैवी एआई काम करने में सक्षम है। यह इसलिए इंर्पोटेंट है क्यूंकि दुनिया में लगभग एआई सिस्टम जो बड़े-बड़े डेटा और अंग्रेज़ी-भाषी पर आधारित होते हैं, लेकिन ये भारतीय भाषाओं को प्राथमिकता देता है और टेक्नोलॉजी को लोकल लेवल पर सक्षम बनाने का काम कर रहा है, जिससे भारत की जनसंख्या को ज्यादा सुलभ, सरल और शक्तिशाली एआई का उपयोग करना आसान होगा।

Sarvam AI


कैसे हुई इस स्टार्टअप की शुरूआत?

इसकी शुरूआत अगस्त 2023 में भारत के बेंगलुरु सिटी में डॉ. प्रात्युष कुमार और डॉ. विवेक राघवन ने किया। उन्होंने देखा कि भारत जैसी भिन्न भिन्न भाषा विविधता वाले देश में अधिकतर ग्लोबल एआई मॉडल अंग्रेज़ी में होते हैं और भारतीय भाषाओं और स्थानीय भाषा को अच्छी तरह समझ नहीं पाते। इसी कमी को पूरा करने के लिए उन्होंने भारतीय भाषाओं और सांस्कृतिक के जरूरतों के लिए विशेष रूप से तैयार मॉडल्स और टूल्स बनाने का लक्ष्य रखा। शुरुआत में छोटे-से टीम के साथ काम शुरू हुआ और जल्द ही उन्हें लाइटस्पीड, पीक XV और खोसला वेंचर्स जैसे बड़े निवेशकों से करीब $41 मिलियन की फंडिंग भी मिला है जिससे सर्वम एआई ने अपने इस मॉडल को विकसित करने और व्यापक स्तर पर विकसित करने की दिशा में तेजी से काम किया है। डॉ. प्रात्युष कुमार एक एआई रिसर्चर हैं और कंपनी के CEO भी हैं, जबकि डॉ. विवेक राघवन को टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाने का गहरा अनुभव है। दोनों का लक्ष्य भारतीय भाषाओं और स्थानीय जरूरतों के लिए एडवांस एआई मॉडल तैयार करना है, ताकि भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को ज्यादा उपयोगी और सुलभ बनाया जा सके। 


सर्वम एआई किस प्रकार कैरियर और जॉब में मदद करेगा ?

सर्वम एआई भारतीय भाषाओं में काम करने वाले AI टूल्स और मॉडल्स बनाता है, जिससे छात्रों, डेवलपर्स और प्रोफेशनल्स को एआई, डेटा साइंस, NLP और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में नई नौकरी के अवसर का ऑप्शन देता हैं। यह स्टार्टअप रिसर्च, इंजीनियरिंग और AI से संबंधित प्रोडक्ट के रोल्स में भर्ती करता है और साथ ही कंपनियों को लोकल भाषा पे आधारित AI सॉल्यूशंस देकर रोजगार के नए रास्ते खोलता है।


क्या है सर्वम एआई Hugging फेस मॉडल ?

ये एआई का Hugging फेस मॉडल वे ओपन-सोर्स मॉडल हैं जिन्हें सर्वम एआई ने Hugging फेस प्लेटफॉर्म पर जारी किया है, खासकर भारतीय भाषाओं के लिए। ये मॉडल हिंदी, तमिल, बंगाली जैसी कई भाषाओं में टेक्स्ट को समझने और बनाने में सक्षम हैं, जिससे डेवलपर्स और कंपनियां लोकल भाषा पर आधारित AI ऐप्स और टूल्स बना सकती हैं। इन मॉडलों का उद्देश्य भारत में एआई को ज्यादा आसान, उपयोगी और प्रभावी बनाना है।

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